Prehistoric Periods : [UPSC के लिए प्राचीन भारतीय इतिहास NCERT Notes]

प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Periods) उस समय को संदर्भित करता है जहां कोई लेखन और विकास नहीं था। इसमें पाँच काल शामिल हैं –पैलियोलिथिक, मेसोलिथिक, नियोलिथिक, चालकोलिथिक और लौह युग। यह IAS Exam के लिए प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History) के अंतर्गत महत्वपूर्ण विषयों में से एक है।

यह लेख भारत में प्रागैतिहासिक युग (Prehistoric Periods) की सभी प्रासंगिक जानकारी देता है। उम्मीदवार इस लेख का हवाला देकर एक बेहतरीन IAS की तैयारी कर सकते हैं।

Prehistoric Periods in India
Prehistoric Periods in India

भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद

भारत में Prehistoric Periods : टाइमलाइन के अनुसार

प्राचीन इतिहास को टाइमलाइन के अनुसार अलग-अलग समय काल में विभाजित किया जा सकता है।

  1. पुरापाषाण काल (Paleolithic Period):- 2 मिलियन ईसा पूर्व – 10,000 ईसा पूर्व
  2. मेसोलिथिक काल (Mesolithic Period):- 10,000 ईसा पूर्व – 8000 ईसा पूर्व
  3. नवपाषाण काल (Neolithic Period):- 8000 ईसा पूर्व – 4000 ईसा पूर्व
  4. चालकोलिथिक काल (Chalcolithic Period):- 4000 ईसा पूर्व – 1500 ईसा पूर्व
  5. लौह युग (Iron Age):- 1500 ईसा पूर्व – 200 ईसा पूर्व

प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Periods) – पुरापाषाण काल ​​(Old Stone Age)/ Paleolithic Period

इसे आगे तीन अलग-अलग समय काल में विभाजित किया गया है:

  1. निम्न पुरापाषाण युग: 100,000 ईसा पूर्व तक
  2. मध्य पुरापाषाण युग: 100,000 ईसा पूर्व – 40,000 ईसा पूर्व
  3. उत्तर या उच्चपुरापाषाण काल: 40,000 ईसा पूर्व – 10,000 ई.पू.

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निम्न पुरापाषाण युग

  • यह पूरापाषाण काल का लंबा समय है। इस समय मनुष्य पत्थरो से निर्मित औजार का प्रयोग करते थे। जैसे- हस्तकुठार, खण्डक, विदारणी। अधिकांश पुरापाषाण युग हिम युग से गुजरा है।
  • निम्नपुरापाषाण स्थल भारतीय महाद्वीप के लगभग सभी झेत्रो में प्राप्त होता है। जिसमे असम की घाटी, सिंधु घाटी, बेलन घाटी और नर्मदा घाटी प्रमुख है। सबसे कम निचले पुरापाषाण स्थलों में से एक महाराष्ट्र में बोरी है।
  • औजार बनाने के लिए चूना पत्थर का भी इस्तेमाल किया गया था।
  • निम्न पुरापाषाण युग के प्रमुख स्थल
    • सोन घाटी (वर्तमान पाकिस्तान में)
    • थार रेगिस्तान में साइटें
    • कश्मीर
    • मेवाड़ के मैदान
    • सौराष्ट्र
    • गुजरात
    • मध्य भारत
    • दक्कन का पठार
    • छोटानागपुर पठार
    • कावेरी नदी के उत्तर में
    • यूपी में बेलन घाटी
  • गुफाओं और पथरी आश्रयों सहित निवास स्थान पाये गए हैं।
  • एक महत्वपूर्ण स्थान मध्य प्रदेश में भीमबेटका है।

मध्य पुरापाषाण युग

  • मध्यपुरापाषाणकाल मे शल्क उपकरणों का प्रयोग बढ़ गया।
  • मुख्य औजार के रूप में पत्थर की पपड़ियों से बने विभिन्न प्रकार के फलक, वेधनी, छेदनी और खुरचनी मिलते हैं । हमें वेधनियाँ और फलक जैसे हथियार भारी मात्रा में मिले है।
  • महत्वपूर्ण मध्य पुरापाषाण युग के स्थल
    • यूपी में बेलन घाटी
    • लूनी घाटी (राजस्थान)
    • सोन और नर्मदा नदियाँ
    • भीमबेटका

उत्तर या उच्चपुरापाषाण काल

  • उच्चपुरापाषाण काल में आद्रता कम हो गयी थी तथा हिमयुग का अंतिम अवस्था थी ।
  • इस समय आधुनिक मानव होमोसेपियंस का उदय हुआ।
  •  इस काल के औजार अधिक तेज व चमकीले थे। ये औजार हमें आंध्र, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दक्षिणी उत्तरप्रदेश और बिहार के पठार में मिले हैं।
  • प्रमुख स्थल
    • बेलन
    • बेटा
    • छोटा नागपुर पठार (बिहार)
    • महाराष्ट्र
    • उड़ीसा और
    • आंध्र प्रदेश में पूर्वी घाट
  • भीमबेटका स्थल पर मिली पेंटिंग इसी काल की हैं।
Bhimbetka Paintings: Prehistoric Periods
Bhimbetka Paintings: Prehistoric Periods

प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Periods) – Mesolithic Period (मध्य पाषाण युग)

  • बदले हुए युग में कई परिवर्तन हुए. जीवनशैली में बदलाव आया. तापमान में भी वृद्धि हुई.
  • साथ-साथ पशु और वनस्पति में भी बदलाव आये.
  • तापमान में बदलाव आया. गर्मी बढ़ी. गर्मी बढ़ने के कारण जौ, गेहूँ, धान जैसी फसलें उगने लगीं.
  • इस समय के लोग भी गुफाओं में रहते थे.
  • पुरातत्त्वविदों को कई स्थलों से मेसोलिथिक युग के अवशेष मिले हैं.
  • पश्चिम, मध्य भारत और मैसूर (कर्नाटक) में इस युग की कई गुफाएँ मिलीं हैं.
  • मध्यपाषाण युग में लोग मुख्य रूप से पशुपालक थे. मनुष्यों ने इन पशुओं को चारा खिलाकर पालतू बनाया. इस प्रकार मध्यपाषाण काल में मनुष्य पशुपालक बना.
  • इस युग में मनुष्य खेती के साथ-साथ मछली पकड़ना, शहद जमा करना, शिकार करना आदि कार्य करता था.
  • प्रमुख स्थल:-
    • ब्रह्मगिरी (मैसूर)
    • नर्मदा
    • विंध्य
    • गुजरात
    • यूपी
    • सोजत (राजस्थान)
    • भीमबेटका
    • गोदावरी बेसिन
    • सराय नाहर राय
  • उपयोग किए गए उपकरण ब्लेड, अर्धचंद्र, त्रिकोण, ट्रेपेज़, स्पीयरहेड्स, चाकू, एरोहेड, सिकल, हार्पून और डैगर थे।

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Prehistoric Periods – Neolithic Period ​​(नव पाषाण काल)

  • उसे पता लग गया कि बीज से वनस्पति बनता है. वह बीज बोने लगा.
  • बीज बोने के साथ-साथ उसने सिंचाई करना भी सीखा.
  • वह अनाज के पकने पर उसकी कटाई कर उसका भंडारण करना सीख गया.
  • नवपाषाण काल (Neolithic Age) में मनुष्य कृषक और पशुपालक दोनों था.
  • कई स्थलों पर इस युग के अनाज के दानें मिलें हैं. इन दानों से पता लगता है कि उस समय कई फसलें उगाई जाती थीं.
  • उत्तर -पश्चिम में मेहरगढ़ (पाकिस्तान में), गुफकराल और बुर्जहोम (कश्मीर में), कोल्डिहवा और महागढ़ा (उत्तर प्रदेश में), चिरांद (बिहार में), हल्लूर और पैय्य्मपल्ली (आंध्र प्रदेश में) गेहूँ, जौ, चावल, ज्वार-बाजरा, दलहन, काला चना और हरा चना जैसी फसलें उगाने के प्रमाण मिले हैं.
  • इस युग में मनुष्य कृषिकार्य के कारण एक स्थान पर स्थाई रूप से रहना शुरू कर दिया. कहीं-कहीं झोपड़ियों और घरों के अवशेष मिले हैं.
  • बुर्जहोम में गड्ढे को घर बनाकर रहने के साक्ष्य मिले हैं. ऐसे घर को गर्तवास का नाम दिया गया.
  • मेहरगढ़ में कई घरों के अवशेष मिले हैं, जो चौकोर और आयतकार हैं.
  • नवपाषाण युग में कृषक और पशुपालक एक साथ एक स्थान पर छोटी-छोटी बस्तियाँ बनाकर रहने लगे.
  • परिवारों के समूह ने जनजाति को जन्म दिया. जन्मजाति के सदस्यों को आयु, बुद्धिमत्ता और शारीरिक बल के आधार पर कार्य दिया जाता था.
  • ज्येष्ठ और बलशाली पुरुष को जनजाति का सरदार बनाया जाता था.
  • नवपाषाण काल (Neolithic Age) में जनजातियों की अपनी संस्कृति और परम्पराएँ होती थीं. भाषा, संगीत, चित्रकारी (Language, music, painting etc.) आदि से इनकी संस्कृति का ज्ञान होता है.
  • इस काल में लोग जल, सूर्य, आकाश, पृथ्वी, गाय और सर्प की पूजा (worship) विशेष रूप से करते थे.
  • इस काल में बने मिट्टी के बरतन कई स्थलों से प्राप्त हुए हैं. इन बरतनों पर रंग लगाकर और चित्र बनाकर उन्हें आकर्षक बनाने का प्रयास करते थे.
  • महत्वपूर्ण साइटें:
    • इनामगाँव
    • बुर्जहोम (कश्मीर)
    • मेहरगढ़ (पाकिस्तान)
    • दोजली हैडिंग (त्रिपुरा / असम)
    • हालुर (AP)
    • पय्यमपल्ली (AP)
    • चिरांद (बिहार)

Prehistoric Periods – Chalcolithic Period (ताम्र युग / कांस्य युग)

Indus Valley Civilization ( सिंधु घाटी सभ्यता )

  • अन्य बस्तियों में
  • ब्रह्मगिरी नवादा टोली (नर्मदा क्षेत्र)
  • चिरांद (गंगा क्षेत्र) और
  • महिषादल (पश्चिम बंगाल)

Prehistoric Periods – लौह युग

  • आर्यों का आगमन: वैदिक काल
  • जैन धर्म, बौद्ध धर्म
  • महाजनपद: सिंधु घाटी के बाद गंगा नदी के तट पर पहली प्रमुख सभ्यता।
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